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एक जहां

   एक जहां......   एक जहां ऐसा भी हो, दूर दरिया पार हो। मेरा तेरा सब गवारा, आदमी को आदमी से प्यार हो। झूठ मूठ के ना हो छलावे, इंसानियत बरकरार हो। जिंदगी है शोला-  शबनम, खुशियों की दरकार हो। जिंदा हो हर जीवन ऐसी, जिंदादिल सरकार हो। एक जहां ऐसा भी हो, दूर  दरिया पार हो। https://www.abstractartdrawing.com/2021/04/rising-sun.html